कुछ सीखो
लॉक्डाउन के दौरान जब ये खबर आई कि रामायण फिर से दिखाई जाएगी, तो इसे सुनकर विक्रम बहुत खुश हुआ। ज़ोर से आवाज़ लगाई और अपने बेटे विहान को बुलाया। कहा आज से रामायण आएगी, साथ देखना। आजकल के बच्चों को उससे बहुत सीखने की ज़रूरत है।
इतने में उसकी पत्नी उसका खाना लेके आई। निवाला लेते ही विक्रम ग़ुस्से से चिल्लाया और बोला: “ये कैसा खाना है, तुम मेरे लिए खाना तक ढंग से नही बना सकती तो कैसी पत्नी हो तुम!” ये कह के ग़ुस्से से थाली फेंक दी।
शाम को रामायण में कुछ ऐसा सीन आया जब राम सीता से कहते हैं - “मेरी दासी बनके नहीं रहना, मेरी अर्धांगिनी, मित्र, सखा, साथी बनके मेरे साथ चलना“। विहान तो उस दिन कुछ सीख गया।
इतने में उसकी पत्नी उसका खाना लेके आई। निवाला लेते ही विक्रम ग़ुस्से से चिल्लाया और बोला: “ये कैसा खाना है, तुम मेरे लिए खाना तक ढंग से नही बना सकती तो कैसी पत्नी हो तुम!” ये कह के ग़ुस्से से थाली फेंक दी।
शाम को रामायण में कुछ ऐसा सीन आया जब राम सीता से कहते हैं - “मेरी दासी बनके नहीं रहना, मेरी अर्धांगिनी, मित्र, सखा, साथी बनके मेरे साथ चलना“। विहान तो उस दिन कुछ सीख गया।
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